प्रधानमन्त्री सुरक्षा बीमा योजना | Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana in hindi

प्रधानमन्त्री सुरक्षा बीमा योजना | Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana in hindi

भारत सरकार द्वारा लागू किया गया प्रधानमन्त्री सुरक्षा बीमा योजना देश के नागरिकों को दुर्घटना के समय आर्थक सहयोग के रूप में दिया जाएगा. देश में हर वर्ष लगभग 1,37,000 लोगों की मृत्यु केवल सड़क दुर्घटना के कारण होती है. भारत सरकार ने देश के लोगों के लिये कई तरह की योजना जारी की, जिसमे यह योजना एक बहुत ही महत्वपूर्ण और अहम् योजना है. सरकार सड़क दुर्घटना से लोगों को बचाने के लिए कई तरह के प्रयत्न कर रही है. यहाँ पर इस योजना से सम्बंधित सभी आवश्यक जानकारियाँ दी जायेंगी.

Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana

क्या है प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना –

यह योजना मुख्यतः एक बीमा स्कीम है, जिसके अंतर्गत सरकार देश के नागरिकों को एक ऐसी सहायता प्रदान करेगी, जिसका लाभ लोग किसी सड़क दुर्घटना के दौरान अपने लिए उठा पाएंगे. देश में ग़रीबो की संख्या बहुत अधिक है, ऐसे लोग अक्सर अपने लिए किसी तरह की बीमा केवल इसलिए नहीं करा पाते, क्योंकि बीमा का प्रीमियम अक्सर बहुत अधिक राशि का होता है. भारत सरकार ने इस वजह से देश के सभी तबको के लिए एक ऐसी बीमा योजना लौन्च की है, जिसका लाभ पिछड़े वर्ग के लोग भी उठा सकें. यह योजना भारत सरकार ने ग़रीबों को ध्यान में रखते हुए ही बनायी है.

यह योजना भारत के तत्कालिक प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा वर्ष 2015 के बजट सत्र के दौरान शुरू की गयी थी. इस स्कीम के अंतर्गत बहुत अधिक पैसा निवेश नहीं करना पड़ता है, अतः इसके अंतर्गत अपना पंजीकरण कराया जा सकता है.

देश के विभिन्न प्रान्त में जनता के लिए तरह तरह की सुरक्षा बीमा योजना चलाई जा रही है जैसे राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, बिहार में राज्य सामाजिक सुरक्षा योजना, ओड़िसा में तृतीया प्रकृति सुरक्षा अभियान .

योजना का महत्व

आम लोगों के जीवन में अर्थात भारत के ग़रीब तबकों में तात्कालिक समय में इस योजना का बहुत बड़ा महत्व है. इस योजना के अंतर्गत लोगों को ‘हाई रिस्क जोन’ के अंतर्गत बीमा का लाभ प्राप्त होगा. हाई रिस्क ज़ेन के अंतर्गत ट्रक ड्राईवर, बड़े मशीन चलाने वाले, आम श्रमिक आदि आयेंगे.

योजना की विशेषताएँ  

सरकार द्वारा जारी की गयी यह योजना कई रूप से विशेष हैं, इससे पहले कि इस योजना में अपना नाम नामांकन कराया जाए, योजना की विशेषताओं को समझ लेना अनिवार्य है. यहाँ पर इस योजना की मुख्य विशेषताएँ दी जा रही है,

  • इस योजना को वार्षिक रूप से रिन्यू किया जा सकेगा, अतः इसका अर्थ ये है कि बीमा योजना के अंतर्गत राशि क्लेम करने के लिए किसी ग्राहक को किसी निश्चित समय तक रुकने की आवश्यकता नहीं है. इस वजह से यह कम आय वाले परिवारों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा.
  • इस योजना के अंतर्गत बीमा का प्रीमियम भरने के दौरान 14% की सर्विस टैक्स देने की आवश्यकता होगी. हालाँकि यह सर्विस चार्ज वर्ष में एक बार ही देने की ज़रुरत होती है. इस वजह से ग्राहक पर प्रति महीने सर्विस टैक्स देने का बोझ नहीं रहता है.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार लाभार्थी को 2 लाख रूपए तक की बीमा देगी. यदि दुर्घटना में किसी लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसे दुर्घटना के साथ ही पैसा दे दिया जायेगा. यदि कोई लाभार्थी किसी दुर्घटना में विकलांग हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में दुर्घटना ग्रस्त लाभार्थी को सरकार न्यूनतम 1 लाख रूपए देगी. यह राशि लाभार्थी के विकलांगता के साथ बढ़ भी सकती है.व
  • यह बीमा किसी भी ग्राहक के बैंक अकाउंट से संलग्न होगा. अतः ग्राहक को राशि उसके हाथ में न प्राप्त होकर सीधे बैंक अकाउंट में प्राप्त होगी. बैंक अकाउंट वाली प्रक्रिया के कारण इस योजना में गति रहेगी और लाभार्थी को लाभ प्राप्त करने में अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी.
  • इस योजना के अंतर्गत बीमा का रिन्यूअल पूरी तरह से लाभार्थी पर निर्भर करता है, कि वह अपनी बीमा रिन्यू कराना चाहता है या नहीं. लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत एक लम्बी अवधि के लिए भी अपनी बीमा रिन्यू करा के लाभ प्राप्त कर सकता है.
  • यदि कोई व्यक्ति किसी समय इस योजना से अपना नाम हटाना चाहता है, तो वह आवश्यक दस्तावेज़ पाकर अपने हस्ताक्षर करके इससे बाहर हो सकता है, हालाँकि इसके बाद भी वह इस बीमा योजना का हिस्सा बना रहेगा.
  • इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष की रखी गयी है, अतः इस आयु को पार करते ही कोई व्यक्ति इसके अंतर्गत अपना नामांकन करा सकता है और लम्बे समय तक लाभ प्राप्त कर सकता है.
  • यद्यपि इस योजना के अंतर्गत कोई व्यक्ति अपने प्रीमियम नकद राशि के माध्यम से भर सकता है, किन्तु बैंक अकाउंट से लिंक होने की वजह से कोई व्यक्ति अपने अकाउंट का प्रयोग करके भी प्रीमियम का भुगतान करता है. इस भुगतान के दो रास्ते प्राप्त होते है.
  • यदि व्यक्ति अपने अकाउंट में पर्याप्त राशि रखता है, तो प्रति महीने उसके अकाउंट से 12 रूपए इस बीमा के प्रीमियम के रूप में काटे जायेंगे. महज 12 रूपए के प्रीमियम के लिए ग्राहकों को बैंक अकाउंट का प्रयोग करना ही बेहतर है.

बिहार में गर्ल चाइल्ड के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना कार्यरत है.

योजना का लाभ

इस योजना के अंतर्गत आम लोगों को कई तरह के लाभ प्राप्त हो रहे हैं, इसके अंतर्गत प्राप्त होने वाले लाभ का वर्णन नीचे किया जा रहा है.

  • इस योजना की वजह से कई लोग पहली बार बीमा योजना प्राप्त कर रहे हैं. इस तरह से लोगों के जीवन की सुरक्षा बढ़ रही है.
  • यदि किसी सड़क दुर्घटना में लाभार्थी अपने हाथ, पैर, आँख आदि खो देता है, तो उसे 2 लाख रूपए की राशि एक ही बार में दी जायेगी. अतः किसी तरह का किस्त आदि नहीं है, जिस वजह से समय पर पूरी राशि प्राप्त हो सकेगी.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार पिछड़े तबको के लोगों को लाभ पहुँचाने की कोशिश कर रही है, जो आज तक सही आर्थिक स्थिति न होने की वजह से किसी भी आर्थिक संस्थान से ख़ुद को नहीं जोड़ पाए.

ओड़िसा में बिजु शिशु सुरक्षा योजना मुख्यरूप से एचआईवी से ग्रसित बच्चों के लिए शुरू की गई है.

सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत टैक्स लाभ (Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana Tax Benefit) 

सरकार इस योजना की वजह से ग़रीब लोगों को लाभ पहुंचाना चाहती है, अतः इस योजना के अंतर्गत राशियों पर किसी तरह का टैक्स न रखना ही उचित है, ताकि ग़रीब और आम नागरिकों पर बोझ कम पड़े और वे नियमित रूप से इस योजना से जुड़े रहें. हालाँकि योजना के नियमन के लिए भी सरकार को खर्च की आवश्यकता होती है. अतः सरकार ने इसके अंतर्गत जमा कियें जाने वाले प्रीमियम को सेक्शन 80 सी के अधीन रखा है. हालाँकि सरकार ने 1 लाख तक की राशि को सेक्शन 10(10D) के अंतर्गत रखा है. इसके अंतर्गत किसी व्यक्ति को 1 लाख रूपए तक की राशि पर किसी तरह का टैक्स नहीं देना होगा.

राजस्थान में जननी सुरक्षा एवं राजश्री योजना से लोग लाभान्वित हो रहे है.

योजना के अंतर्गत योग्यता (Eligibility)

सरकार ने यह योजना देश के सभी तबके के लोगों के लिए ज़ारी की है. अतः इस योजना का लाभ कोई भी व्यक्ति जो कि भारत का नागरिक है, उठा सकता है. हालाँकि इस योजना के अंतर्गत कुछ विशेष योग्यताएं तय की गयी हैं, ताकि योजना का सदुपयोग हो सके और रिकॉर्ड अच्छे से मेन्टेन हो सके.

  • इस योजना के अंतर्गत जैसा कि पहले बताया गया है कि आवेदक का वयस्क होना यानि 18 वर्ष के ऊपर का होना आवश्यक है. इस योजना में नामांकन के लिए अधिकतम आयु 70 वर्ष का तय किया गया है.
  • ग्राहक को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह जिस अकाउंट को इस योजना के अन्तर्गत संलग्न कराना चाहता है, वह बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक्ड होना चाहिए.

आंध्रप्रदेश सरकार ने पुरे परिवार को सुरक्षा देने के लिए लिए सिर्फ 100 रूपए में फॅमिली हेल्थ इंशोरेंस स्कीम शुरू की है.

सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत KYC आवेदन फॉर्म जमा करना

इस योजना के अंतर्गत सरकार के पास लाभार्थियों की समस्त जानकारियाँ होनी आवश्यक है. अतः इस वजह से ग्राहकों को kyc फॉर्म जमा कराने की आवश्यकता होती है. साधारणतः आज कल kyc फॉर्म लगभग हर सरकारी क्षेत्र में जमा कराना पड़ रहा है. अतः इस बीमा योजना के अंतर्गत आवेदक को अपने आवेदन के साथ साथ आधार की सहायता से kyc फॉर्म भरने की आवश्यकता होगी, जिससे उसके आवास तथा स्वयं ग्राहक के पहचान का प्रमाण मिल सके.

योजना के अंतर्गत आधार का महत्व

इस योजना के अंतर्गत नामांकन कराने के लिए ग्राहक के पास आधार कार्ड का होना अनिवार्य है. उपरोक्त योग्यता के अनुसार आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है. अतः सरकार ने इस योजना के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है. इससे एक और लाभ प्राप्त होगा कि एक व्यक्ति को नियम के अनुसार लाभ प्राप्त हो सकेगा और कोई व्यक्ति डुप्लीकेसी नहीं कर सकेगा. आधार के होने से अन्य तरह के डॉक्यूमेंट में कमी आ सकती है और लोगों को आवेदन फॉर्म भरने में आसानी होगी.

नरेन्द्र मोदी सरकार ने एक बिलकुल अनोखे तरह की स्कीम उजागर की है, इसमें गाय, भैसों का सुरक्षा बीमा किया जायेगा.

सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत आवेदन कैसे दें (How to Apply For Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana)

इस योजना की आवेदन प्रक्रिया सरल रखी गयी है, ताकि अधिक से अधिक व्यक्ति इसका लाभ उठा सकें. देश के कई बैंक हैं, जो कि इस योजना का नियंत्रण और सञ्चालन कर रहे हैं. अतः ग्राहकों को इस योजना का आवेदन या तो इस बैंक से प्राप्त हो सकेगा अथवा वे ऑनलाइन भी प्राप्त कर सकेंगे.

  • यदि आप बैंक के द्वारा आवेदन देना चाहते हैं तो वे किसी भी नजदीकी सरकार अधीन बैंक में पहुँच सकते हैं और वहाँ से इसका आवेदन प्राप्त कर सकते हैं अथवा ऑनलाइन फॉर्म प्राप्त करने के लिए इन्हीं बैंक के औपचारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं.
  • यदि आपका फ़ोन नंबर पालिसी डिपार्टमेंट के अंतर्गत पंजीकृत है, तो आप एसएमएस के ज़रिये क्वेरी भेज कर भी इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं. ध्यान डें कि इस योजना के अंतर्गत आने वाले विभिन्न बैंक का कांटेक्ट नंबर विभिन्न होगा.
  • इसके लिए अपने क्षेत्र के इन्सुरांस डिपार्टमेंट के प्रतिनिधि से मिल कर भी आप इस योजना की सभी विशेष जानकारियाँ प्राप्त कर सकते हैं. इसके उपरान्त बैंक से प्राप्त किये गये योजना के फॉर्म को भर कर इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने देश में सुरक्षित मातृत्व के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना की शुरुवात की है.

सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत नामांकन हटाने की प्रक्रिया

आवेदक को यदि किसी समय यह लगता है, कि यह बीमा योजना उसके लिए लाभकारी नहीं है, तो वह किसी भी समय इस योजना से अपना नामांकन हटा सकता है. इसके लिए कुछ औप्चारिक कार्य करने पड़ते हैं. यहाँ पर उन स्थितियों का वर्णन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इस बीमा योजना से ग्राहक मुक्त हो जायेगा.

  • यदि कोई व्यक्ति योजना में रहते हुए 70 वर्ष की आयु पार कर जाता है, तो वह ख़ुद ब ख़ुद इस योजना से मुक्त हो जायेगा, क्योंकि इस योजना की अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष की रखी गई है.
  • इस योजना के अंतर्गत संलग्न किसी ग्राहक का बैंक अकाउंट किसी कानूनी कारणों की वजह से बंद हो जाता है, तो इस योजना के तहत लाभ समय से पहले ही समाप्त हो जाएगा.
  • यदि किसी व्यक्ति का बैंक अकाउंट मेन्टेनेन्स अथवा अकाउंट में कम राशि होने की वजह से बंद हो जाता है, तो भी ग्राहक इस योजना के अंतर्गत निष्काषित कर दिया जायेगा.
  • यदि कोई ग्राहक इस योजना के लिए एक से अधिक बैंक अकाउंट का प्रयोग करता है, तो एक से अधिक अकाउंट में प्राप्त राशि खुद ब ख़ुद ही वापस हो जायेगी. अतः एक आवेदक एक अकाउंट का प्रयोग करके ही इस योजना का लाभ उठायें.
  • यदि किसी तर्कसंगत कारणों से किसी ग्राहक की बीमा योजना स्थगित हो जाती है, तो इसे पुनः चालू कराया जा सकता है. किंतु इसे चालू करने से पहले सभी बकाया प्रीमियम राशि बीमा अकाउंट में जमा करानी पड़ेगी, इसके बाद ही लाभ प्राप्त हो सकेगा.

सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत क्लेम की जाने वाली राशि

प्रधानमन्त्री सुरक्षा बीमा के अंतर्गत राशि क्लेम करने की प्रक्रिया को जानना अतिआवश्यक है. यहाँ पर राशि क्लेम करने की प्रक्रिया का विशेष वर्णन किया जा रहा है.

  • यदि कोई बीमा ग्राहक किसी सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो इस दुर्घटना को उस बैंक के मेनेजर से सामने औपचारिक तौर पर लाया जाएगा, जहाँ पर इस बीमा योजना के लिए बीमा अकाउंट खोला गया है.
  • इस योजना के अंतर्गत राशि पाने के लिए एक विशेष फॉर्म भरने की आवश्यकता होती है. इस फॉर्म को दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति ऑनलाइन योजना का औपचारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकता है. यदि आपको ऑनलाइन फॉर्म प्राप्त करने में किसी तरह की परेशानी हो रही है, तो आप अपने बैंक से भी इसके लिए फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं.
  • यदि दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसके स्थान पर उसका नॉमिनी इन सभी कार्यो को अंजाम दे सकता है.
  • इसके उपरान्त इस फॉर्म को सही रूप से भर के और इसके अंतर्गत बीमा राशि भर के बैंक मेनेजर के पास जमा देने की आवश्यकता होती है.
  • इस एप्लीकेशन के साथ घटना की एफ़आईआर, डेथ रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड होना आनिवार्य है. यदि योजना का लाभार्थी दुर्घटना में किसी रूप से विकलांग हो जाता है तो इस फॉर्म के साथ उसके विकलांगता का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है. ये सभी सर्टिफिकेट किसी सरकारी रूप से पंजीकृत डॉक्टर की तरफ से जारी होनी चाहिए. यदि दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है, तो वह भी इस फॉर्म के साथ संलग्न करने की आवश्यकता होती है.
  • जब यह सभी दस्तावेज़ बैंक मेनेजर के पास जमा कर दिए जायेंगे, तो इसके बाद बैंक की तरफ़ से सभी तरह के आवश्यक जांच पड़ताल की जायेगी, और इन्सुरांस कंपनी को भेजा जाएगा. ये सभी औपचारिक कार्य 30 दिनों के अन्दर पूर्ण करने की आवश्यकता होती है.
  • इसके बाद जांच का अगला चरण इन इन्सुरेंस कंपनी द्वारा किया जाएगा. यहाँ पर बैंक की तरह हर कड़ी की जांच पड़ताल की जायेगी, जिसके अंतर्गत लगभग 30 दिनों का समय लग सकता है.
  • एक बार सभी तरह के जांच हो जाने के बाद ग्राहक को उसकी राशि दी जायेगी. यह राशि किसी को भी हाथ में नहीं प्राप्त होगी, बल्कि उस अकाउंट में प्राप्त होगा, जहाँ से व्यक्ति अपने प्रीमियम भर रहा था.
  • एक बार अकाउंट में बीमा क्लैम की राशि पहुँच जाने पर नॉमिनी अथवा स्वयं दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति चेक की सहायता से अकाउंट से राशि निकाल सकेगा.

बीमा राशि क्लेम करने के लिए दी जाने वाली अनिवार्य जानकारियां

योजना में तय बीमा राशि को प्राप्त करने के लिए ग्राहक अथवा उसके नॉमिनी को कुछ आवश्यक जानकारियाँ देने की आवश्यकता होती है, ताकि सरकार किसी भी तरह के धोखेधडी से बच सके. बीमा राशि क्लैम करने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों का वर्णन नीचे किया जा रहा है.

  • क्लेम करने के समय ग्राहक का व्यक्तिगत डाटा सर्वप्रथम अनिवार्य होगा. राशि क्लैम करने वाले लाभार्थी को सभी निजी आवश्यक दस्तावेज़ लाने होंगे, जिसके अंतर्गत लाभार्थी का नाम, उसका आवासीय पता आदि दिया गया हो.
  • इसके उपरान्त क्लेम करते हुए ग्राहक को अपने बैंक का ऑफिसियल एड्रेस और ब्रांच के नाम से सम्बंधित डिटेल भी जमा करने की आवश्यकता होती है.
  • इसके बाद ग्राहक को पुनः अपना आधार कार्ड संख्या, मोबाइल संख्या, ईमेल एड्रेस जमा करने की आवश्यकता होती है. ताकि जांच के समय के सभी अपडेट नियमित रूप से प्राप्त हो सकें.
  • क्लेम करने वाले लाभार्थी को दुर्घटना सम्बंधित सभी जानकारियाँ जैसे दुर्घटना का स्थान, दुर्घटना का कारण, दुर्घटना की वजह से होने वाली सीरियस इंजरी सम्बंधित सभी विशेष जानकारियाँ देने की आवश्यकता होती है.
  • क्लेम करने वाले व्यक्ति को उस मेडिकल अथवा अस्पताल की सभी विशेष जानकारियां देने की आवश्यकता होती है, जहाँ पर इलाज चल रहा है. इलाज करने वाले डॉक्टर की भी सभी डिटेल देने की आवश्यकता होती है. ‘
  • इन सबके बाद नॉमिनी को यह भी जानकारी जमा करने की आवश्यकता होती है, कि पालिसी कंपनी की तरफ से मेडिकल इनचार्ज की विजिट कब हुई थी.

प्रधानमन्त्री सुरक्षा बीमा योजना की सीमायें (Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana Limitations)

इस योजना की कुछ सीमायें भी हैं, कई विशेषज्ञों द्वारा इस योजना की सीमाओं का निर्धारण भी किया गया है, यहाँ पर इस योजना से सम्बंधित सीमाओं की जानकारियाँ दी जा रही है, जिसे इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण कराने के पहले जानना आवश्यक है.

  • इस योजना के अंतर्गत उन लोगों को महज 2 लाख मिलेगा, जिनकी दुर्घटनावश मृत्यु हो जाती है अथवा व्यक्ति पूर्ण रूप से अपाहिज हो जाता है. और आंशिक रूप से अपाहिज होने वालों को महज 1 लाख रूपए प्राप्त हो सकेंगे. यह राशि देश के मध्यम वर्गीय लोगों को किसी भी तरह से अपनी तरफ आकर्षित नहीं करती है. अतः यह योजना देश के ग़रीब लोगों को ही लाभ पहुँचा सकता है.
  • देश के ग्रामीण में कई ऐसे क्षेत्र है, जहाँ के लोग ग़रीबी रेखा के नीचे हैं. इस वजह से इन्हें शिक्षा भी मुहैया नहीं है. साक्षरता कम होने के कारण इस क्षेत्र के लोगों में जागरूकता कम है, जिस वजह से वे इस योजना को समझ नही पाते और इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं.
  • ग़रीबी होने की वजह से ऐसे क्षेत्र के लोग इन योजना से अधिक अपने जीवन यापन के साधन यानि पैसे कमाने पर ध्यान देते हैं. इस वजह से यहाँ पर इन योजनाओं का प्रचार नहीं हो पाता. अतः सरकार के प्रतिनिधियों को इन क्षेत्रों में जाकर जागरूकता बढाने की आवश्यकता होती है.
  • इस योजना के अंतर्गत सभी तबके के लोगों को शामिल किया गया है. अतः समय के साथ योजना की सफलता के लिए सरकार को इसकी बजट बढाने की आवश्यकता होगी.

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